Tuesday, 16 February 2016

ट्रांसफर का चक्कर

ये ट्रांसफर का चक्कर,ऐसा है मान्यवर
आसानी से सम्भव नहीं,चाहे लाख लगालो चक्कर

बड़े-बड़े अधिकारिओ के बदलते बहाने सुनकर
तुम्हारा सर चकरा जाएगा
ट्रांसफर आर्डर तो हाथ नही आएंगे
मारे डर के कलेजा जरूर मुँह को आ जायेगा
तुम जरा भी मत घबराना
चुपचाप घर चले आना
बड़े अधिकारिओ के पास बिल्कुल मत जाना
वरना मामला और भी बिगड़ जायेगा
बड़ा अफसर तो ट्रांसफर के लिए हामी भर देगा
मगर छोटा अफसर भड़क जायेगा
और तुम्हारा सुलझता मामला वही अटक जायेगा
आखिर तक तुम इतना पगला जाओगे
कोई नाम भी पूछेगा तो तुम "ट्रांसफर"बताओगे
ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाकर दीवारो से मारोगे टक्कर
आसानी से सम्भव नहीं.....

तुम्हारी किसी दलील का उनपे होता नहीं असर
वो एक ही बात दोहराएंगे "हम कोशिश कर रहे है मान्यवर"
जब तुम्हारा अथक प्रयास,पूर्णतय हो जायेगा बेअसर
तुम रो-रो कर हार जाओगे माई डिअर
तब जाकर बदलेंगे तुम्हारी गाडी के गियर
गुस्सा बुरे तरीके से तुम्हारे सर चढ़ जायेगा
तब तुम्हारे मन से सारा डर, अपने आप निकल जायेगा
अब तक जिनके सामने तुं हाथ जोड़े खड़ा था
अब उन्ही से भीड़ जायेगा
तब जाकर शायद उनके कान पर मक्खी भिन्न-भिना जाये
तेरी गलियो की आवाज सुनकर बड़ा अधिकारी सामने आ जाये
उसे देख छोटा अधिकारी घबरा जाये
गालियां और गुस्सा अपना असर दिखा जाये
अधिकारी तुम्हारी ऑर्डर पर हस्ताक्षर की कलम चला जाये
तब तक मामला जैसे चलता है चलने दो
तुम्हारी फाइल को सिफारिश और गांधी के दम पर आगे बढ़ने दो
जब तक काम बन ना जाये,,किसी से मत करो जिकर


ये ट्रांसफर का चक्कर ऐसा है मान्यवर
आसानी से सम्भव नहीं,चाहे लाख लगलो चक्कर.....

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