Friday, 26 February 2016

हां,मैं खुश हो जाऊंगा

संकल्प के सब इरादों का जोड़ अगर मिल जाये
तो,हाँ मैं खुश हो जाऊंगा

कहते है गर मुश्किलें है तो हल भी बाकायदा होगा
मेरी सब हालातों का,तोड़ अगर मिल जाए
तो,हाँ मैं खुश हो जाऊंगा

एक मोड़ पर खड़े सजना,हर रोज़ रास्ता तकते हैं
मैं भी जाना चाहता हूँ,
वो मोड़ अगर मिल जाये
तो,हाँ मैं खुश हो जाऊंगा

बाज़ुओं में बहुत है,इरादों में बुलन्दी चाहिए
ज़ज़्बे की तरह,इरादों में ज़ोर अगर मिल जाए
तो,हाँ मैं खुश हो जाऊंगा

मेरी ज़िन्दगी एक पतंग,लूटता कोई तो कोई खींचता है
मेरी ज़िन्दगी की डोर मुझे मिल जाए
तो,हाँ मैं खुश हो जाऊंगा।।।।

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