नारी,पुरुष,बच्चा,युवा अधेड़
सब फूंक से जलने वाले पेड़
नाते रिश्तों के धागों को
सब बुन-बुन कर रहे उधेड़
सब फूंक से जलने वाले पेड़
कीचड़ से लथपथ हर कोई
ऊपर चांदी सी लॉग लपेट
सब फूँक से जलने वाले पेड़
मुर्दे गली में घूम रहे हैं
शेरोँ को मारती घूम रही है भेड़
सब फूँक से जलने वाले पेड़।।।।।
सब फूंक से जलने वाले पेड़
नाते रिश्तों के धागों को
सब बुन-बुन कर रहे उधेड़
सब फूंक से जलने वाले पेड़
कीचड़ से लथपथ हर कोई
ऊपर चांदी सी लॉग लपेट
सब फूँक से जलने वाले पेड़
मुर्दे गली में घूम रहे हैं
शेरोँ को मारती घूम रही है भेड़
सब फूँक से जलने वाले पेड़।।।।।
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