Tuesday, 16 February 2016

कुछ तुम ढीले हो,कुछ हम ढीले हैं

कुछ तुम ढीले हो,कुछ हम ढीले हैं

सादे वस्त्र संग दुपट्टा,तन पर तुम्हे रास नहीं आता
तंग जीन्स तुम पहनो,मुझसे घूरे बीना रहा नहीं जाता
फैशन की इस बारिश में,कुछ तुम गीले हो
कुछ हम गीले हैं

ये जीरो फिगर की आड़ में,अंग प्रदर्शन की जो कुप्रथा है
मत दिखाओ,हम नही देखेंगे,फिर मुद्दा क्या बचता है
एक ही होली खेले हैं,बस तुम पिले हो,हम नीले हैं

सजा दोनों की बनती है,मेरी तुम्को हाथ लगाने पर
और तुम्हारी मुझे उकसाने पर
गर तुम हॉट क्वीन हो तो हम भी श्याम  रसीले हैं

कुछ तुम ढीले हो.....कुछ हम ढीले हैं....

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